ट्रेडिंग में स्वैप का मतलब उस ब्याज से होता है, जो आप ओवरनाइट रखकर कमाते या देते हैं। स्वैप दो तरह के होते हैं:
स्वैप इसलिए ज़रूरी होते हैं कि लिवरेज के साथ ट्रेडिंग करते समय ट्रेड पोज़ीशनों को ओपन करने के लिए एक तरह से आप पैसे उधार ले रहे होते हैं। जब किसी पोज़ीशन को एक दिन से ज़्यादा के लिए ओपन छोड़ा जाता है, तो उधार लिए गए पैसों पर आपको ब्याज देना होता है। इसलिए लिवरेज किए गए फ़ंड्स पर स्वैप बेसिकली ब्याज दरें ही होती हैं।
ट्रिपल स्वैप रेट्स बुधवार से गुरुवार तक होल्ड किए गए ट्रेड्स पर लागू होते हैं। वो इसलिए कि स्पॉट कॉन्ट्रैक्ट्स की दो दिनों की सेटलमेंट अवधि होती है। उदाहरण के लिए, सोमवार को होने वाला स्पॉट फ़ॉरेक्स कॉन्ट्रैक्ट बुधवार को सेटल होता है, मंगलवार को होने वाला ट्रेड गुरुवार को सेटल होता है, बुधवार को होने वाला ट्रेड शुक्रवार को सेटल होता है, लेकिन गुरूवार को होने वाला ट्रेड अगले सोमवार ही सेटल हो पाता है। इस उदाहरण में गुरुवार को होने वाला ट्रेड वीकेंड में भी ओपन रहता है (क्योंकि शनिवार और रविवार को बैंक बंद होते हैं)।
स्वैप रेट फ़ॉरेन एक्सचेंज फ़ंडिंग में पोज़ीशनों को ओवरनाइट होल्ड करने पर लागू होने वाला ओवरनाइट या रोलओवर इंटरेस्ट (जो या तो कमाया या दिया जाता है) होता है। स्वैप रेट्स और उन्हें कैलकुलेट करने के तरीके के बारे में और जानने के लिए प्लीज़ हमारे स्वैप रेट एंड रोलओवर्स पेज पर जाएँ।
Axi पर रोज़ाना 23:59:30 - 23:59:59 MT4/MT5 सर्वर टाइम (5PM न्यूयॉर्क क्लोज़) के बीच स्वैप लागू होते हैं। कुछ करेंसी पेयर्स के लिए बुधवार या गुरुवार के अंत में ट्रिपल डेली स्वैप अप्लाई किए जाते हैं।
EURUSD करेंसी पेयर के लिए ये रहा एक उदाहरण: